देश के सबसे बडे सौर ऊर्जा आधारित सामुदायिक स्वच्छ जल संयंत्र की पहल
बाड़मेर।
देश में पहली मर्तबा वृहद स्तर पर सौर ऊर्जा से संचालित होने वाले आरओ प्लांट की शुरूआत बाड़मेर जिले से होगी। इसके लिए सेवनियाला गांव मंे सौर ऊर्जा से संचालित होने वाला प्लांट फॉन्ट्स वाटर के तकनीकी सहयोग से स्थापित किया गया है।
इसके तहत पहली बार इस सौर ऊर्जा आधारित संयंत्र में पांच किलोवाट विद्युत उत्पादन होगा। इसको उसे बैटरी में संचयित किया जाएगा। इसके उपरांत यह विद्युत ऊर्जा संयंत्र के संचालन के लिए 8 से 10 घंटे के लिए इस्तेमाल हो सकेगी। इससे निकलने वाले पानी को स्थानीय ग्रामीणांे को 25 पैसे प्रति लीटर की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। बाड़मेर जिले मंे स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) और केयर्न इंडिया के बीच हुए सहमति पत्र के बाद आरओ प्लांटस की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। 
सौर ऊर्जा आधारित प्रोजेक्ट की बदौलत सेवनिवाला गांव वैकल्पिक ऊर्जा आधारित सामुदायिक परियोजना के मामले में दुनिया भर में सुर्खियांे पर है। केयर्न इंडिया के सीएसआर हेड मनोज अग्रवाल के मुताबिक इसके जरिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के द्वारा स्थानीय लोगों की स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न चुनौतियों में सुधार लाने में मदद मिलेगी। सामुदायिक विकास के दीर्घकालिक उपायों को काम में लेने का यह एक अभिनव उदाहरण है, जहां पर्यावरण मित्र तरीकों से जरूरतमंद समुदाय को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार से हुए अनुबंध के तहत बाड़मेर जिले में 331 स्वच्छ जल संयंत्रों की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। इन संयंत्रों की क्षमता एक हजार से तीन हजार लीटर जल प्रति घंटा शुद्ध करने की क्षमता है। इन्हें अगले तीन वर्षों में स्थापित किया जाएगा और इनसे 800 गांवों में रहने वाली दस लाख से अधिक की अनुमानित जनसंख्या को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा। पूर्ण होने पर यह देश की सबसे बड़ी सीएसआर सामुदायिक पेयजल परियोजना होगी। बाड़मेर में प्रचुर मात्रा में सूरज की रोशनी की उपलब्धता साल भर रहती है। ऊर्जा के इस अक्षय स्रोत के उपयोग को अधिकतम करने के लिए, केयर्न इंडिया और फॉन्ट्स वाटर मिल कर सौर ऊर्जा आधारित जल शोधन संयंत्रों का संचालन करेंगे।

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